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होमगार्ड भर्ती में डाक्टरों ने की धांधली, तीन गिरफ्तार

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नाक टेढ़ी और आंख में दिक्कत बताकर मांगे 10 से 50 हजार रुपये

22 अभ्यर्थियों से तीन लाख की वसूली के साक्ष्य, ड्राइवर के पास मिली सूची

लोक भारती न्यूज ब्यूरो 

कानपुर। होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण में अभ्यर्थियों को फिट घोषित करने के नाम पर कथित वसूली का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो डॉक्टरों और एक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अभ्यर्थियों को नाक टेढ़ी और आंखों में परेशानी बताकर अनफिट करने की धमकी दी जाती थी और पास कराने के नाम पर रुपये मांगे जाते थे। पुलिस को 22 अभ्यर्थियों से तीन लाख रुपये से अधिक की वसूली के साक्ष्य मिले हैं।

विरोध के बाद खुला मामला

15 अक्तूबर को पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती के लिए दस्तावेजों की जांच और मेडिकल परीक्षण किया जा रहा था। इसके लिए सीएमओ की ओर से डॉक्टरों के दो पैनल गठित किए गए थे। आरोप है कि परीक्षण के दौरान कुछ अभ्यर्थियों को नाक और आंख में कमी बताकर अनफिट किया जाने लगा। नाक टेढ़ी होने पर 10 से 15 हजार और आंख में समस्या बताने पर 50 हजार रुपये तक मांगे जाने का आरोप है। रात करीब आठ बजे अभ्यर्थियों ने विरोध किया। इस दौरान डॉक्टर प्रवीण कुमार के ड्राइवर अजीत को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

यूपीआई ट्रांजेक्शन के साक्ष्य मिले

पुलिस के मुताबिक, जांच में ड्राइवर के पास से अभ्यर्थियों के नाम और कथित वसूली का हिसाब दर्ज सूची मिली। डॉ. प्रवीण कुमार के पास से 30,500 रुपये नकद मिले, जबकि विभिन्न खातों में यूपीआई के जरिए रकम भेजे जाने के साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस का दावा है कि करीब 40 अभ्यर्थियों ने रुपये देने की शिकायत की है। एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय के अनुसार, पूछताछ में डॉ. प्रवीण और डॉ. महेश द्विवेदी ने रुपये लेने की बात स्वीकार की है। ड्राइवर ने भी डॉक्टर के कहने पर यूपीआई और फोन-पे से रकम लेने की बात बताई है।

गिरफ्तार आरोपियों में उर्सला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. महेश द्विवेदी और ड्राइवर अजीत शामिल हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत समेत अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच और आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।होमगार्ड भर्ती के मेडिकल में वसूली का आरोप, तीन गिरफ्तार

अनफिट करने पर उठाए सवाल

अभ्यर्थियों का कहना था कि कुछ लोगों को नाक की हड्डी टेढ़ी होने यानी डीएनएस (डिविएटेड नेजल सेप्टम) की समस्या बताकर अनफिट करने की बात कही गई, जबकि वे खुद को नौकरी के लिए फिट मान रहे थे। चिकित्सा मानकों के अनुसार, नाक के सेप्टम का अधिक टेढ़ा होना और सांस लेने में परेशानी होने पर मेडिकल में अतिरिक्त जांच या अनफिट घोषित करने का निर्णय लिया जा सकता है। ऐसे में किसी अभ्यर्थी की फिटनेस का फैसला निर्धारित मानकों और चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर ही होना चाहिए। गौरतलब है कि प्रदेश में होमगार्ड के 41,424 पदों के लिए 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को लिखित परीक्षा हुई थी। इसमें 19 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। 29 जून को घोषित परिणाम में 1,07,221 अभ्यर्थी सफल हुए थे। दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक परीक्षा के बाद अब चयनित अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मेडिकल में कथित वसूली के आरोप सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

 15 अक्टूबर का मेडिकल निरस्त

होमगार्ड कमांडेंट प्रीति शर्मा ने बताया कि 15 अक्टूबर को होने वाला मेडिकल परीक्षण निरस्त कर दिया गया है। इसके लिए अगली तारीख बाद में घोषित की जाएगी और अभ्यर्थियों को इसकी सूचना दी जाएगी।

उर्सला अस्पताल प्रशासन भी करेगा मामले की जांच

कानपुर। होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण में अभ्यर्थियों से रुपये वसूली के आरोपों को लेकर उर्सला अस्पताल प्रशासन ने भी जांच के संकेत दिए हैं। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया और पुलिस के माध्यम से मिली है। पुलिस की ओर से मामले में कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि शासन से कोई आदेश प्राप्त होने पर मामले की जानकारी जुटाकर जांच कराई जाएगी। तथ्यों के आधार पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

होमगार्ड मेडिकल में रुपये लेने के आरोपों की जांच जारी

कानपुर। पुलिस लाइन में 15 अक्टूबर को होमगार्ड भर्ती की मेडिकल परीक्षा के दौरान डॉक्टरों पर रुपये लेने के आरोप लगने के मामले में पुलिस जांच कर रही है। सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने बताया कि शाम करीब 730 बजे सूचना मिली थी कि कुछ अभ्यर्थियों ने डॉक्टरों पर रुपये लेने का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें कुछ अभ्यर्थियों द्वारा डॉक्टरों और अन्य व्यक्तियों के खातों में रकम ट्रांसफर करने नकद भुगतान करने की बात सामने आई है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

 

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